क्योंकि जब मैं रोता हूँ तो ये कभी नहीं हस्ता…!!!
ज़िंदगी की किताब में बस कहानी सूनी रह गई।
कि हम किसी के लिए हमेशा ख़ास नहीं रह सकते..!!
दिल बेचैन है… और आँखें भीग सी रहती हैं।
बेवकूफ़ समझती है वो मुझे, मैं बदनसीब नहीं — बस प्यार का ही मारा हूँ।
तुम्हारी बातोँ में मेरा जिक्र भी आता होगा,
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
की कोई था जो बिना मतलब के चाहता था तुम्हे…!
मोहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसे Sad Shayari in Hindi हो…!
चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!
जब पिंजरे से प्यार हुआ, तो रिहाई का वक्त आ पोहोंचा…!
इतना ही गुरुर था तो ए-बेवफा मुकाबला इश्क का करती,
कुछ कहानियाँ बिना अलविदा कहे ही खत्म हो जाती हैं,
और फिर भी वो हमसे ही विश्वास की बातें करते रहे।